Very Sad Shayari In 4 Lines – Wo Silsile Wo Shauk Wo Tabiyat Bhi Na Rahi



वो सिलसिले,वो शौक़ वो तबीयत भी न रही…
नफरत तो न थी तुझसे मोहब्बत भी न रही!
अब लौट कर भी आये तु तो कोई फायदा नहीं…
खुद को भी खो चुके, तेरी ज़रूरत भी न रही!!!