Shayari Hindi Mein – मैं क़तरा क़तरा

मैं क़तरा क़तरा फ़ना हुआ
मैं ज़र्रा ज़र्रा बिखर गया,
ऐ ज़िन्दग़ी तुझसे मिलते मिलते,
मैं अपने आप से बिछड़ गया