Shayari Hindi Mein – जिंदगी है नादान

जिंदगी है नादान इसीलिए चुप हूँ …
दर्द ही दर्द है सुबह शाम इसलिए चुप हूँ ..
कह दू जमाने से दास्तान अपनी
उसम आएगा तेरा नाम इसलिये चुप हूँ