Shayari 2 Line Mein – मेरी चाहतों की खता थी



मेरी चाहतों की खता थी जो तुझे प्यार के काबिल समझा मैंने,
वरना इस गुलिस्तान में कमी न थी फूलों और बहारों की।


....कुछ उम्दा शेरो शायरी…इन्हे भी पढ़े…