Hindi Sher O Shayari – तकल्लुम की ख़ामोशी

तकल्लुम की ख़ामोशी कह रही है हर्फ़-ए-मतलब से
कि अश्क़ आमेज़ नज़रों से अदा होने का वक़्त आया!!!
तकल्लुम-बातचीत
अश्क़ आमेज़-आंसू भरी