Hindi Shayari Four Lines – सूर्य चलकर चांदनी

सूर्य चलकर चांदनी के द्वार आया है
ओस कण के स्वप्न में अंगार आया है
आज तुमने ही गले में क्या बांह डाली
मौत को भी ज़िन्दगी पर प्यार आया है।