Good Night Shayari Wishes – जब भी चाँद पर

“जब भी चाँद पर काली घटा छा जाती है; चाँदनी भी यह देख फिर शर्मा जाती है; लाख छिपाएं हम दुनिया से यह मगर; जब भी होते हैं अकेले तेरी याद आ जाती है।
शुभ रात्रि!”