Aaj Ka Suvichar – रूबरू होने की

रूबरू होने की तो छोड़िये…
गुफ़्तगू से भी क़तराने लगे हैं,
ग़ुरूर ओढ़े हैं रिश्ते,
अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं..