हिंदी शायरी ४ पंक्ति में – ये तों अच्छा हैं

ये तों अच्छा हैं कि मेरे शहर के
लोगों के ख़वाब पूरे नहीं होते,
वरना हर गली में ना जाने
कितने ताजमहल होते..??