हिंदी शायरी ४ पंक्ति में – कभी ना भूले आप के

कभी ना भूले आप के होठ मुस्कराना,
कभी ना ख़त्म हो आपकी खुशियो का खजाना |
आपको जहान की हर ख़ुशी मिले,
चाहे खुदा को ही जमीन पर पड़े आना |