दो लाइन में हिंदी शायरी – ग़म तो लिखा सो लिखा

ग़म तो लिखा सो लिखा तकदीर ने मेरी जिन्दगी में,
यूँ रातों को देर तक नींद ना आना किस गुनाह की सजा़ है।