RJ SMS - Shayari, Jokes

Hindi Shayari, Funny Jokes




loading…


Tag: गजल और शायरी

Shayari Ghazal In Hindi – हुआ जो कुछ उसे

हुआ जो कुछ उसे भुलाना चाहिए था
के उसे अब लौट आना चाहिए था

यह सारा बोझ मेरे सर पे क्यों है
उसे भी थोड़ा गम उठाना चाहिए था

इतनी खामोशी से ताल्लुक तोड़ दिया
उसे पहले बताना चाहिए था

उसकी यादों की खुश्बू है आज भी मेरे दिल मैं
मुझे जिसको भुलाना चाहिए था

ज़रा सी ग़लती पे रूठ बैठे
क्या उससे बस बहाना चाहिए था ??

मुझे पा कर उससे क्या चैन मिलता
जिसे सारा ज़माना चाहिए था

Shayari Ghazal In Hindi – कैसे मैं यादों का

कैसे मैं यादों का सिलसिला हो जाऊं,
तू है साथ तो कैसे तनहा हो जाऊं .

मुझको छू तू बचपन वाले हाथों से,
शायद मैं फिर वही खिलौना हो जाऊं.

अगर तू मुझको फिर से पढ़ने आए तो,
ख़ुद को खोलूं और मदरसा हो जाऊं .

फितरत से मैं भरा हुआ पैमाना हूँ,
तू छूले तो और नशीला हो जाऊं .

मेरे आगे अपना चेहरा ला तो सही,
पत्थर हूँ मैं मगर आईना हो जाऊं.

क़तरा हूँ मैं ये भी तूने सही कहा,
मगर तू मिल जाए तो दरिया हो जाऊं.

अपनी किसी दुआ में शामिल कर मुझको,
फिर ये देख की कैसे तेरा हो जाऊं.

Hindi Ghazal Lyrics – सबा को फ़साने

सबा को फ़साने सुनाया करेंगे
न आओगे तुम, हम बुलाया करेंगे।
मेरे आंसुओं से नज़र फ़ेरते हो
मगर हम तुम्हीं को दिखाया करेंगे।
नशेमन मेरा फूंक डाला है तुमने
मगर हम उसे फिर बनाया करेंगे।
खिज़ां छा रही है चमन रो रहा है
मगर आंशियां हम सजाया करेंगे।
कसम खा चुके हो न बोलोगे हम से
मगर बारहा हम, बुलाया करेंगे ।
वहाँ साज सब बेसुरे हो रहे हैं
मगर हम हमेशा मिलाया करेंगे।
अंधेरों ने राहों का छीना है ’काको’
मगर हम डगर फिर बनाया करेंगे।

loading...

Hindi Ghazal Lyrics – शाम है दर्द है

शाम है, दर्द है, हम हैं और तनहाई
ज़िन्दगी टूटा हुआ क्रम है और तनहाई।

कहने को लोग हैं, खुशियाँ हैं तमन्नाएँ हैं
न कोई दोस्त न हमदम है और तनहाई।

कोई आता है, आ रहा है, आएगा शायद
खूबसूरत या हमें भ्रम है और तनहाई।

उनके मिलते ही कोई बिछड़ने की बात करो
रात है, घिरता हुआ तम है और तनहाई।

क्या करें किस को पुकारें और कहाँ जाएँ हम
आंख हर इक यहाँ नम है और तनहाई।

Hindi Ghazal Lyrics – संवर के ख्वाब सा

संवर के ख्वाब सा, दिल में समा गया है कोई।
उम्र हंसने की थी, लेकिन रुला गया है कोई॥

सुबह से शाम तलक, दर्द मचलता ही रहा,
नींद आई न हमें, ऐसे तड़फा गया है कोई॥

रंगीन बहारों के काफिले चले गए
इन्हीं खिज़ाओं में रहना बता गया है कोई॥

कली जूही की खिली पत्तों की, ओट लेकर ज्यों हि,
छिपा के रूप को आंचल में, शरमा गया है कोई।

सुना था प्यार की दुआएँ असर रखती हैं
मनाया लाख मगर, रूठता गया है कोई॥

उन से अब दूरियाँ जैसे किसी समंदर से
रेत का अजनबी मैदान हो गया है कोई।

Hindi Ghazal Lyrics – वो मुझे मेहंदी लगे

वो मुझे मेहंदी लगे हाथ दिखा कर रोई .
में किसी और की हूँ बस इतना बता कर रोई .

उमर भर की जुदाई का ख्याल आया था शायद !!
वो मुझे पास अपने देर तक बिठा कर रोई ..

अब के न सही ज़रूर हषर मैं मिलेंगे !!
यकजा होने के दिलास दिला कर रोई .

कभी कहती थी के मैं नहीं जी पाऊँगी तुम्हारे बिन !!
और आज फिर वो ये बात दोहरा कर रोई !!

मुझ पे इक कुराब का तूफ़ान हो गया है !!
जब मेरे सामने मेरे ख़त जला कर रोई !!.

मेरी नफरत और अदावत पिघल गई इक पल में !!
वो बे-वफ़ा है तो क्यूँ मुझे रुला कर रोई !!

मुझ से जायदा बिछड़ने का गम उसे था !!
वक़्त -ए-रुखसत वो मुझे सिने से लगा कर रोई !!

मैं बेकसूर हु, कुदरत का फैसला है ये !!
लिपट के मुझ से बस वो इतना बता कर रोई !!

सब शिकवे मेरे इक पल में बदल गए !!
झील सी आँखों में जब आंसू सजा कर रोई .

केसे उस की मोहब्बत पैर शक करें हम !!
भरी महफ़िल में वो मुझे गले लगा कर रोई!!

आख़री आस भी जब टूटती देखी ऊसने,
अपनी डोलीके चिलमनको गिरा कर रोई।

Hindi Ghazal Lyrics – मरने की दुआएं

मरने की दुआएं क्यों मांगू
मरने की तमन्ना कौन करे
यह दुनिया हो या वह दुनिया,
अब ख्वाहिशें दुनिया कौन करे
जो आग लगायी थी तुमने
उसको तो बुझाया अश्को ने
जो अश्कों ने भड़काई है
उस आग को ठंडा कौन करे
जब कश्ती साबित -ओ सालिम थी,
साहिल की तमन्ना किसको थी,
अब ऐसी शकिस्ता कश्ती पर
साहिल की तमन्ना कौन करे
जब दुनिया ने हमें छोड़ा ऐ दिल
हम छोड़ न दें क्यों दुनिया को
दुनिया को समझकर बैठे हैं
अब दुनिया, दुनिया कौन करे ।

Hindi Ghazal Lyrics – बिखरती रेत पर किस

बिखरती रेत पर किस नक़्शे को आबाद रखेगी?
वो मुझको याद रखे भी तो कितना याद रखेगी?
उसे बुनियाद रखनी है अभी दिल में मुहब्बत की
मगर ये नींव वो मेरे बाद रखेगी!
पलट कर भी नहीं देखी उसी की ये बेरुखी हमने!
भुला देंगे उसे ऐसा कि वो भी हमें याद रखेगी !!

Hindi Ghazal Lyrics – दिल में मीठा सा

दिल में मीठा-सा कोई दर्द हुआ है शायद
मैं समझता हूँ, ये आगाजे वफ़ा है शायद।
तेरी नज़रों की शरमसारी बताती है मुझे
तेरे होंठों में मेरा नाम दबा है शायद।
देखकर भी मुझे अनजान बना रहना तेरा
सोचता हूँ तेरी इक ये भी अदा है शायद।
जाम होंठों से लगाकर ही नया आता है
ये तेरी शरबती आँखों का नशा है शायद।
बेतरहा दिल के धड़कनें से गुमा होता है
तूने मुझको अभी नज़रों से छुआ है शायद।
चाहकर भी नहीं कह पाता ज़ुबां से कुछ भी
सोचता हूँ यही इज़हारे वफ़ा है शायद।
ऐसा लगता है कोई पैर पकड़ लेता हो
तेरी खामोश निगाहों की सदा है शायद। (ज़हीर कुरेशी)

Hindi Ghazal Lyrics – नज़रों से बुलाए तो

नज़रों से बुलाए तो क्या करे कोई।
यूँ प्यार जताए तो क्या करे कोई॥
गम में डूबे हुए बेताब दिल को।
अगर चैन न आए तो क्या करे कोई॥
सूरत यार की तसव्वर में नज़र आए।
यूँ जलवा दिखाए तो क्या करे कोई॥
कसम खुदा की मैं काबिल नहीं हूँ।
ईवस इल्ज़ाम लगाए तो क्या करे कोई॥
दिल ललचाए नज़र शरमाए पास न आए।
दूर ही से बुलाए तो क्या करे कोई॥
दिल तो कहता है कि मैं प्यार करुँ।
मुहब्बत रास न आए तो क्या करे कोई॥
तमन्ना हो, जीने की बकाया ज़िन्दगी भी हो।
मौत कफ़न दिखाए तो क्या करे कोई॥ (महिन्दर, होशियार पुरी)

RJ SMS © 2017