RJ SMS - Shayari, Jokes

Hindi Shayari, Funny Jokes




loading…


Ahmad Faraz Ki Ghazal Shayari – जो चल सको तो

जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना
मुझे गुमाँ भी ना हो और तुम बदल जाना

ये शोलगी* हो बदन की तो क्या किया जाये
सो लाजमी है तेरे पैरहन* का जल जाना

तुम्हीं करो कोई दरमाँ*, ये वक्त आ पहुँचा
कि अब तो चारागरों* का भी हाथ मल जाना

अभी अभी जो जुदाई की शाम आई थी
हमें अजीब लगा ज़िन्दगी का ढल जाना

सजी सजाई हुई मौत ज़िन्दगी तो नहीं
मुअर्रिखों* ने मकाबिर* को भी महल जाना

ये क्या कि तू भी इसी साअते-जवाल* में है
कि जिस तरह है सभी सूरजों को ढल जाना

हर इक इश्क के बाद और उसके इश्क के बाद
फ़राज़ इतना आसाँ भी ना था संभल जाना

शोलगी = अग्नि ज्वाला
पैरहन = वस्त्र
दरमाँ = दवा, इलाज, हल
चारागर = डॉक्टर
मुअर्रिख = इतिहास कार
मकाबिर = कब्र का बहुवचन,
साअते-जवाल = ढलान का क्षण




Updated: January 21, 2017 — 4:34 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *




RJ SMS © 2017