RJ SMS - Shayari, Jokes

Hindi Shayari, Funny Jokes







Ahmad Faraz Ki Famous Gazals – रोज़ की मुसाफ़त

रोज़ की मुसाफ़त* से चूर हो गये दरिया
पत्थरों के सीनों पे थक के सो गये दरिया

(मुसाफ़त = यात्रा)

जाने कौन काटेगा फसल लालो-गोहर* की
रेतीली ज़मीनों में संग* बो गये दरिया

(लालो-गोहर = हीरे मोतियों की खेती, संग = पत्थर)

ऐ सुहाबे-ग़म*! कब तक ये गुरेज़* आँखों से
इंतिज़ारे-तूफ़ाँ* में ख़ुश्क* हो गये दरिया

(सुहाबे-ग़म = दुख के मित्रो, गुरेज़ = उपेक्षा, इंतिज़ारे-तूफ़ाँ = तूफ़ान की प्रतीक्षा में, ख़ुश्क = सूख गये)

चाँदनी से आती है किसको ढूँढने ख़ुश्बू
साहिलों के फूलों को कब से रो गये दरिया

(साहिलों = तटों)

बुझ गई हैं कंदीलें* ख़्वाब हो गये चेहरे
आँख के जज़ीरों* को फिर डुबो गये दरिया

(कंदीलें = दीपिकाएँ, जज़ीरों = टापुओं)

दिल चटान की सूरत सैले-ग़म* पे हँसता है
जब न बन पड़ा कुछ भी दाग़ धो गये दरिया

(सैले-ग़म = दुखों की बाढ़)

ज़ख़्मे-नामुरादी* से हम फ़राज़ ज़िन्दा हैं
देखना समुंदर में ग़र्क़* हो गये दरिया

(ज़ख़्मे-नामुरादी = असफलता के घाव, ग़र्क़ = डूब गये)




Updated: January 21, 2017 — 4:36 pm




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